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Bihar News: भागलपुर में विक्रमशिला सेतु का हिस्सा टूटा, उत्तर बिहार से संपर्क बाधित, आवागमन बंद

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भागलपुर में विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा देर रात टूट गया, जिससे उत्तर बिहार से संपर्क बाधित हो गया। प्रशासन ने पुल पर आवागमन रोककर वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी है।

भागलपुर/आलम की खबर:बिहार के भागलपुर से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां गंगा नदी पर बना ऐतिहासिक और अत्यंत महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा देर रात अचानक क्षतिग्रस्त होकर गिर गया। इस घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से पुल पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन बंद कर दिया है, जिससे उत्तर बिहार से भागलपुर का सीधा संपर्क फिलहाल पूरी तरह बाधित हो गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार देर रात लगभग 12:30 बजे के आसपास की है। बताया जा रहा है कि पुल के 133 नंबर पोल के पास पहले हल्का धंसाव महसूस किया गया। स्थिति को भांपते हुए मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासन ने तत्काल एहतियात बरतते हुए ट्रैफिक रोक दिया। कुछ ही देर बाद पुल का प्रभावित हिस्सा पूरी तरह टूटकर नीचे गिर गया। समय रहते आवागमन बंद कर देने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।

अचानक धंसाव के बाद टूटा पुल का हिस्सा

घटना के शुरुआती चरण में पुल के ज्वाइंट हिस्से में दरार और गैप बढ़ने की बात सामने आई। जैसे ही धंसाव की सूचना मिली, स्थानीय स्तर पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए क्षेत्र को खाली कराया और वाहनों को आगे बढ़ने से रोक दिया।

पुलिस के अनुसार, भागलपुर की ओर से पाया संख्या 4 और 5 के बीच, यानी पोल संख्या 133 और 134 के आसपास यह घटना हुई। पहले सड़क का हिस्सा नीचे बैठा और फिर देखते ही देखते वह हिस्सा पूरी तरह ढह गया। इस दौरान पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई।

अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने रात करीब 1:15 बजे आधिकारिक बयान जारी कर लोगों से पुल की ओर न जाने की अपील की। इसके कुछ ही देर बाद जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी भी मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया।

प्रशासन के अनुसार, 12:35 बजे के आसपास धंसाव की पुष्टि हुई थी, जिसके तुरंत बाद लोगों को वहां से हटा दिया गया। करीब 15 मिनट के भीतर, यानी 12:50 बजे के आसपास पुल का हिस्सा पूरी तरह गिर गया। इस दौरान मौके पर मौजूद टीमों ने पूरी सतर्कता के साथ क्षेत्र को सुरक्षित कराया।

तकनीकी कारणों की जांच जारी

भागलपुर एनएच डिवीजन के कार्यपालक अभियंता साकेत कुमार रौशन ने प्रारंभिक जांच में बताया कि पुल के ज्वाइंट में गैप बढ़ने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि तकनीकी टीम मौके पर पहुंच रही है और विस्तृत निरीक्षण के बाद ही सटीक कारणों का खुलासा किया जा सकेगा।

सूत्रों के अनुसार, पिछले कई महीनों से पुल की स्थिति को लेकर रिपोर्ट तैयार की जा रही थी और इसकी मरम्मत की जरूरत बताई जा रही थी। हालांकि, समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। अब इस घटना के बाद पूरे पुल की संरचनात्मक जांच की बात कही जा रही है।

संपर्क बाधित, लोगों की परेशानी बढ़ी

विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने से भागलपुर और उत्तर बिहार के बीच आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। इस पुल के जरिए प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं, जिससे यह क्षेत्रीय यातायात का प्रमुख मार्ग माना जाता है। पुल के बंद होने से न केवल आम यात्रियों को परेशानी हो रही है, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका है।

बताया जा रहा है कि जिले के कई प्रखंडों का मुख्यालय से सीधा संपर्क भी प्रभावित हुआ है। सुबह होते ही पुल के दोनों ओर फंसे वाहनों की संख्या और बढ़ गई, जिससे यातायात व्यवस्था पर दबाव साफ नजर आने लगा।

वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था

प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी है। फिलहाल भागलपुर से नवगछिया और उत्तर बिहार के अन्य हिस्सों में जाने के लिए मुंगेर के रास्ते को उपयोगी बताया गया है। हालांकि यह मार्ग लंबा है, जिससे यात्रा में अधिक समय लग रहा है।

जिलाधिकारी ने डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह, एसडीओ विकास कुमार और डीएसपी अजय चौधरी को निर्देश दिया है कि पुल के दोनों ओर सख्त बैरिकेडिंग की जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति या वाहन जोखिम उठाकर पुल पर जाने की कोशिश न करे।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

घटना के बाद प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशीलता को देखते हुए अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है और आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है।

अधिकारियों का कहना है कि जब तक पुल की पूरी तरह जांच नहीं हो जाती और इसे सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक किसी भी प्रकार का आवागमन बहाल नहीं किया जाएगा।

निष्कर्ष

भागलपुर में विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा टूटने की घटना ने पूरे बिहार में चिंता बढ़ा दी है। यह पुल न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का मुख्य आधार है, बल्कि आर्थिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। समय रहते ट्रैफिक रोक दिए जाने से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इस घटना ने पुलों की देखरेख और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन राहत और सुरक्षा के उपायों में जुटा है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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